Summary
निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटी हैं, जिसे उन्होंने 'घर वापसी' बताया। वह 1 अगस्त को एक कार्यक्रम में शामिल होंगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। तस्लीमा ने अपनी वापसी को अभिव्यक्ति की आजादी के संघर्ष से जोड़ा और कहा कि यह कट्टरपंथियों द्वारा दबाई गई आवाज की वापसी है।