Summary
छह साल बाद उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से भारत-तिब्बत परंपरागत व्यापार फिर से शुरू हो गया है, जिसमें पहले दल में 16 भारतीय व्यापारी बिना सामान के चीन के तकलाकोट मंडी पहुंचे। वर्ष 2019 से भारतीय व्यापारियों का करोड़ों का माल अभी भी तकलाकोट में फंसा हुआ है, और अब नई मंडी में व्यापार संचालित होगा तथा ढुलाई मॉडल भी बदलेगा।