Summary
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अकाली दल को 'स्वार्थी' बताने वाले बयान ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने बयान को अपने लिए नहीं बताया, जबकि सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने भाजपा को चुनौती दी। यह बयान भाजपा के सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दे रहा है, जबकि अकाली-भाजपा गठबंधन का पंजाब में तीन दशक का सफल इतिहास रहा है।