Summary
तालिबान के सत्ता में लौटने के पांच साल बाद, अफगानिस्तान में जीवन, विशेषकर महिलाओं के लिए, बेहद कठिन हो गया है। पत्रकार नेलुफर हेदायत उन लोगों के लिए अपराधबोध महसूस करती हैं जो पीछे छूट गए हैं, और जोर देती हैं कि उनकी कहानियों को जीवित रखना और उनकी स्वतंत्रता की आशा करना महत्वपूर्ण है।