Summary
पटना हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाया है कि केवल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने से शादी मान्य नहीं होती, बल्कि सिंदूरदान और सात फेरे जैसे हिंदू रीति-रिवाजों का पालन आवश्यक है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और गुजरात हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ रजिस्टर्ड मैरिज भी वैध शादी नहीं मानी जा सकती यदि उसमें आवश्यक रीति-रिवाज पूरे न किए गए हों।