Summary
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यदि पति-पत्नी दोनों कमा रहे हैं, तो उन्हें घर और बच्चों की शिक्षा का खर्च मिलकर उठाना चाहिए। कोर्ट ने एक पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए पत्नी और नाबालिग बेटे के लिए निर्धारित मासिक गुजारा भत्ता 50 हजार रुपये से घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया।