Summary
यह लेख दो अलग-अलग घटनाओं की तुलना करता है: एक पिता का वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखती बेटियां और चंबल में अपनी बेटी को डुबोकर मारने के बाद उसके पैर छूता पिता। दोनों घटनाएं समाज की सोच और पिता-बेटी के संबंधों के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं।